कानपुर हिंसा मामले में शहर काजी मौलाना अब्दुल कुद्दूस हादी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस एकतरफा कार्रवाई करती है, हमारे घरों पर बुलडोजर चलाती है, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। हम सिर पर कफन बांधकर सड़क पर निकलेंगे। उनका दावा है कि पुलिस एक्शन से एक समुदाय में असंतोष है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीना से भी शिकायत की। उधर, इस हिंसा के मामले में अब तक 50 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
काजी का दावा है कि बम फेंकने का जो नया वीडियो सामने आया है। उसमें हिंदू पक्ष के लोग दिख रहे हैं। इस वीडियो की जांच भी पुलिस करे।
शहर काजी ने कहा कि 3 जून को हिंसा होने से पहले शांति के साथ बाजार बंद चल रहा था। मुस्लिम समुदाय के लोग जुमे की नमाज पढ़कर वापस लौट रहे थे। तभी चंद्रेश्वर हाते इलाक में रहने वाले लोगों ने नमाजियों पर पत्थर फेंके। इसके बाद मुस्लिम पक्ष के लोग भड़क गए। मुस्लिम पक्ष के लोगों ने आत्मरक्षा में पत्थर फेंके। फिर दोनों समुदाय के लोगों के बीच हिंसा शुरू हो गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि अगर आत्मरक्षा में मुस्लिम पक्ष पथराव नहीं करता तो मुस्लिम पक्ष के कुछ लोगों की हत्या भी हो सकती थी। लेकिन, इस मामले में सिर्फ मुस्लिमों की गिरफ्तारी की जा रही है।
कानपुर में हुई हिंसा को लेकर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का भी बयान सामने आया है। PFI ने एक पत्र जारी कर कहा है कि कानपुर हिंसा से उसका कोई लेना-देना नहीं है। हम कानपुर हिंसा की निंदा करते है। कानपुर में हुई हिंसा के बाद मुस्लिमों को टारगेट किया जा रहा है। बुलडोजर चलाने की धमकी दी जा रही है। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई पक्षपात वाली है।
मुस्लिमों के खिलाफ बदले की कार्रवाई की जा रही है। कानपुर पुलिस ने हिंसा में शामिल कुछ लोगों के पोस्टर को सार्वजनिक कर चुकी है। पोस्टर लगने का असर भी हो रहा है। आरोपी खुद ब खुद थाने जाकर सरेंडर कर रहे हैं। उनको डर है कि कहीं पुलिस उनकी संपत्तियों को जब्त करके बुलडोजर न चला दे।