कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतर गए। नेताओं ने चिलचिलाती धूप में नेहरू चौक में काली पट्टी लगाकर नेहरू चौक में मौन धरना दिया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की दमनकारी नीति का विरोध करते हुए सवाल किया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए केंद्रीय संस्थाओं को दुरुपयोग क्यों किया जा रहा है।
मनी लॉन्ड्रिंग केस की फाइल खुलने और राहुल गांधी व सोनिया गांधी को प्रवर्तन निदेशालय का समंस जारी करने के बाद प्रदेश भर में कांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार दोपहर कांग्रेस नेता पार्टी कार्यालय में एकत्रित हुए। यहां से सभी नेहरू चौक पहुंचे। यहां हाथ में तख्ती और मुंह में काली पट्टी बांध कर धरने में बैठे नेता सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं जैसे स्लोगन लिखे हुए थे।
शहर विधायक शैलेष पांडेय ने बयान जारी कर कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार नाथू राम गोडसेके विचार धारा की पार्टी है। यह सरकार देश के वातावरण को बिगाड़ने की कोशिश में लगे हैं। विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए केंद्र सरकार अपनी जांच एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है और हमारे नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों को लगाकर आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसका विरोध करने के लिए मौन धरना दिया गया।