खाने का तेल सस्ता हुआ:रुचि सोया समेत कई कंपनियों ने घटाए 20 रुपए प्रति लीटर तक दाम

खाने का तेल सस्ता हुआ:रुचि सोया समेत कई कंपनियों ने घटाए 20 रुपए प्रति लीटर तक दाम

खाने का तेल सस्ता हो गया है। गुरुवार को ब्रांडेड एडिबल ऑयल मैन्युफैक्चर्स ने पाम, सूरजमुखी और सोयाबीन तेल की कीमतों में 20 रुपए प्रति लीटर तक की कमी की है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई नरमी के बाद ये कटौती की गई है। इस गिरावट से उपभोक्ताओं को महंगाई से कुछ राहत मिली है।

खाने के तेल की बड़ी कंपनियां अडाणी विलमर और रुचि इंडस्ट्रीज के अलावा जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया, मोदी नेचुरल्स, गोकुल री-फॉयल एंड सॉल्वेंट, विजय सॉल्वेक्स, गोकुल एग्रो रिसोर्सेज और एन.के. प्रोटीन ने तेल की कीमतों में कटौती की है।कीमतों में गिरावट तेल की मांग बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। कीमतों में गिरावट का असर रिटेल महंगाई पर भी पड़ेगा। एडिबल ऑयल और फैट कैटेगरी में मई में 13.26% महंगाई देखी गई थी। इसका मुख्य कारण पिछले एक साल में एडिबल ऑयल की घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी है।इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सुधाकर राव देसाई ने कहा, पाम तेल की कीमतों में 7-8 रुपए प्रति लीटर की गिरावट आई है। सूरजमुखी के तेल की कीमतों में 10-15 रुपए प्रति लीटर और सोयाबीन तेल की कीमतों में 5 रुपए प्रति लीटर की कमी आई है।

अडानी विल्मर के MD अंगशु मलिक ने कहा, ‘हम सरकार के अनुरोध पर और कंज्यूमर्स को सपोर्ट करने के लिए एडिबल ऑयल की MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) को कम कर रहे हैं। यह कटौती मार्केट ट्रेंड के मुताबिक होगी। नए MRP के साथ तेल अगले हफ्ते बाजार में पहुंच जाएगा।हैदराबाद बेस्ड जेमिनी एडिबल्स एंड फैट ने पिछले हफ्ते अपने फ्रीडम सनफ्लावर ऑयल के एक लीटर पाउच के MRP में 15 रुपए की कटौती कर 220 की थी और इस हफ्ते इसे 20 रुपए कम करके 200 रुपए प्रति लीटर करने की तैयारी है।खाने के तेल की घरेलू कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर तय होती हैं, इसलिए देश में तेल की कीमतें पिछले एक साल में काफी ज्यादा बढ़ी हैं। यह सरकार के लिए चिंता का एक बड़ा कारण रहा है। कीमतों पर लगाम लगाने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं।

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