छत्तीसगढ़ में अब तक 19% कम बरसात:पिछले सप्ताह 29 प्रतिशत की कमी थी

छत्तीसगढ़ में अब तक 19% कम बरसात:पिछले सप्ताह 29 प्रतिशत की कमी थी

छत्तीसगढ़ में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही अच्छी बरसात ने माहौल बदल दिया है। अब सामान्य औसत बरसात में केवल 19% की कमी रह गई है। यह इसलिए राहत देने वाला है कि 30 जून तक यह कमी 29% तक थी। यानी बीते पांच दिनों में 10% कमी पूरी हो गई। 10 जिलों में सामान्य वर्षा है। वहीं चार जिलों में सामान्य से अधिक पानी बरस चुका है।

मौसम विभाग के मुताबिक, एक जून से पांच जुलाई की सुबह 8.30 बजे तक छत्तीसगढ़ में 199.6 मिलीमीटर औसत बरसात हुई है। इसी अवधि में प्रदेश की सामान्य औसत वर्षा 247.7 मिलीमीटर तय है। इस मान से वास्तविक बरसात 19% कम है। सबसे अधिक बरसात बीजापुर में बताई जा रही है। वहां इस दौरान औसतन 258.3 मिलीमीटर बरसात होती रही है। इस बार वहां 350.1 मिलीमीटर पानी बरस चुका है। यह सामान्य से 36% अधिक है।

जांजगीर-चांपा में 233 मिलीमीटर औसत बरसात के मुकाबले 310.3 मिमी बरसात हो चुकी। यह सामान्य से 33% अधिक है। कबीरधाम में 31% अधिक बरसात दर्ज हुई है। यहां सामान्य औसत वर्षा 177.1 मिमी है जबकि वास्तविक बरसात 231.9 मिमी हो चुकी है। मुंगेली में भी सामान्य से अधिक बरसात दर्ज हुई है। मुंगेली में सामान्य तौर पर पांच जुलाई तक 217.5 मिमी पानी बरसता है। इस बार इसी अवधि में 261.5 मिमी बरसात हो चुकी है। यह सामान्य से 20% तक अधिक है। बालोद, बलौदा बाजार, बिलासपुर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, नारायणपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव में सामान्य बरसात बताई जा रही है। औसत से 19% अधिक अथवा 19% कम वर्षा को सामान्य वर्षा कहा जाता है।बादलों से घिरे होने के बाद भी प्रदेश के 14 जिले ऐसे हैं जहां ढंग से बरसात नहीं हो रही है। जशपुर में तो अब तक केवल 100.2 मिमी बरसात हुई है। वहां इस सीजन की सामान्य औसत बरसात 332.8 मिमी है। इसका मतलब वहां 70% कम बरसात हुई। रायपुर में भी 234.3 मिमी के मुकाबले केवल 92 मिमी बरसात हो पाई है। यह सामान्य बरसात से 61% कम है। सरगुजा में भी 62% कम बरसात दर्ज हुई है। वहां अब तक 292.9 मिमी बरसात होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 111.7 मिमी पानी बरस पाया है। बलरामपुर, बस्तर, बेमेतरा, दंतेवाड़ा, दुर्ग, कांकेर, कोण्डागांव, कोरबा, कोरिया, सुकमा और सूरजपुर में भी कम बरसात है।

मौसम विभाग ने सोमवार को अगले 48 घंटों के लिए बिलासपुर और सरगुजा संभाग में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बरसात की चेतावनी जारी की थी। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके आसपास स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का एक चक्रीय चक्रवाती घेरा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। मानसून द्रोणिका जैसलमेर, कोटा, गुना, निम्न दाब का क्षेत्र, झारसुगड़ा, पुरी और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व- मध्य बंगाल की खाड़ी तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके प्रभाव से 5 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने तथा भारी वर्षा होने की भी संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *