इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लेकर सरकार ने तैयार की पॉलिसी:

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लेकर सरकार ने तैयार की पॉलिसी:

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स(ईवी)की नई पॉलिसी तैयार कर ली गई है। इसके तहत शहर की हर कॉलोनी, सोसायटी, कमर्शियल कांप्लेक्स, मॉल और मार्केट में चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य होगा। इसी शर्त पर प्रशासन से बड़े और कमर्शियल भवनों के निर्माण की अनुमति मिलेगी। शहर के आउटर में रूट के मुताबिक टेंडर जारी किया जाएगा। एक साल के भीतर कंपनियों को हाईवे और लंबी दूरी की सभी सड़कों पर 50-50 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन बनाना होगा। उसके अगले वर्ष हर 25 किलोमीटर की दूरी पर स्टेशन बनाना होगा। 2026 तक हर रूट पर 10-10 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे।

इन स्टेशनों पर न्यूनतम शुल्क लेकर गाड़ी चार्ज की जा सकेगी। इसके लिए परिवहन विभाग के माध्यम से टेंडर मंगवाए जाएंगे। स्मार्ट सिटी के तहत शहर में 25 जगहों पर चार्जिंग स्टेशन बनाने हैं। इसके लिए 2020 में टेंडर निकाला गया था। कई कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई। इसी बीच कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया। उसके बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया। उसके बाद दोबारा टेंडर नहीं निकाला गया। अब इस साल नए सिरे से टेंडर निकालने की तैयारी है।

पुराने टेंडर में चौदह स्लो चार्जर और ग्यारह फास्ट चार्जिंग स्टेशन बनाने का प्रस्ताव था। ये चार्जिंग स्टेशन मल्टीलेवल पार्किंग, मालवीय रोड, जीई रोड, गौरवपथ, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, फाफाडीह, कपड़ा मार्केट, तेलीबांधा जैसे 25 जगह पर प्रस्तावित हैं। स्लो और फास्ट चार्जिंग का चार्ज भी अलग-अलग रहेंगे, क्योंकि स्लो चार्जिंग स्टेशन बनाने में डेढ़ से ढाई लाख खर्च आता है। इसमें चार्ज करने में तकरीबन 4-5 घंटे लगते हैं। फास्ट चार्जिंग का सेटअप लगाने में 20-25 लाख का खर्च आता है। इसमें एक घंटे में बैटरी चार्ज होती है।

असिस्टेंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर शैलाभ साहू ने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर पॉलिसी तैयार कर ली गई है। शहर के अलावा सभी रूट पर चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इसके लिए ओपन टेंडर बुलाया जाएगा। जो भी कंपनियां कम दर पर प्रस्ताव देंगी। उन्हें टेंडर दिया जाएगा। टेंडर में कड़ी शर्तें हैं। उसका पालन करना होगा।

क्रेडा के अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में एक बार चार्जिंग करने से 100-120 किलोमीटर का सफर तय कर सकते हैं। चार्जिंग में तकरीबन 50 रुपए का खर्च आता है। इसमें बिजली की बहुत कम खपत होती है। एक घंटे में गाड़ी चार्ज हो जाती है। विदेशों में इलेक्ट्रिक वाहन का ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। क्योंकि पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ते जा रही है। महंगी के दौरान में ईवी बहुत अच्छा है।केंद्र सरकार की मदद से रायपुर में 20 चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इसके लिए फंड जारी किया गया है। ऊर्जा सेवा कंपनी (ईईएसएल) के द्वारा शहर में चार्जिंग स्टेशन लगाया जाएगा। जल्द ही जगह का चयन किया जाएगा, जहां स्टेशन बनाना है। इसके अलावा राज्य सरकार भी स्टेशन खोलेगी। ये स्टेशन मार्केट, मल्टीलेवल पार्किंग, स्टेशन, बस स्टैंड, मॉल समेत अन्य जगह पर होगी। इसमें दूरी का ध्यान रखा जाएगा। शहर में 5-10 किमी पर चार्जिंग स्टेशन खोला जाएगा।

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