भारत में कोरोना के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 17,655 नए मामले सामने आए हैं जबकि 29 मरीजों की मौत हो गई। गनीमत यह रही है कि 14,509 मरीजों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई। फिलहाल देश में एक्टिव मरीजों की संख्या 1 लाख 42 हजार 739 है। सोमवार को देश में कोरोना के 15,528 नए केस मिले थे और 25 मरीजों की मौत हो गई थी। देश में डेली पॉजिटिविटी रेट 3.32% है। वहीं वीकली पॉजिटिविटी रेट 4.57% दर्ज किया गया।
महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामले लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। बीते दिन 2,279 नए मामले सामने आए और 6 मरीजों की मौत हो गई। यहां पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 5.42% हो गया है। पश्चिम बंगाल में भी कोरोना का कहर बढ़ रहा है। मंगलवार को यहां 2,243 नए मरीज मिले जबकि 6 मरीजों की मौत हो गई। राज्य में पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 16.90% हो गया है। इसके अलावा दिल्ली में 585 नए केस मिले और 2 मरीजों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश में 387 केस मिले और एक भी मरीज की मौत नहीं हुई।कोरोना से बचाव के लिए दुनियाभर के देशों में बूस्टर डोज लगाए जा रहे हैं। कोविड की रोकथाम के लिए सख्त उपाय करने वाले ऑस्ट्रेलिया में तो अब हालात गंभीर हो रहे हैं। वहां वैक्सीन के दोनों डोज के बाद दूसरा बूस्टर लगाया जा रहा है। इसके बावजूद हालात बेकाबू हैं। करीब 2.5 करोड़ आबादी वाले इस देश में रोजाना औसतन 38 हजार केस मिल रहे हैं, जो दुनिया में चौथे सबसे ज्यादा हैं। कोरोना से अब तक 10,719 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 8,351 की मौत तो इसी साल हुई है।
संक्रमण बढ़ने की वजह ओमिक्रॉन के दो सब वैरिएंट्स BA.4 और BA.5 हैं। 65% संक्रमितों में यही सब वैरिएंट मिल रहे हैं। गंभीर हालात का आलम यह है कि अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में 80 से ज्यादा एम्बुलेंस कर्मियों को कोरोना हो गया है, जिससे एंबुलेंस सेवा चरमरा गई है। इससे दुर्घटनाओं के शिकार लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
विक्टोरिया में 10 हजार से ज्यादा नए मरीज मिले हैं। इनमें से 800 अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 35 आईसीयू में हैं। वहीं 18 की मौत हो गई। न्यूसाउथ वेल्स में 9 हजार केस रोज मिल रहे हैं। 2100 से ज्यादा मरीज अस्पतालों में भर्ती है। 64 आईसीयू में और 5 मौतें हुईं।
ऑस्ट्रेलिया के डॉक्टर फेडरल और राज्य सरकार से सार्वजनिक स्थलों पर मास्क अनिवार्य करने की अपील की है। जबकि सरकारें इसे लागू करने से बच रही हैं। ऑस्ट्रेलिया मेडिकल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष क्रिस मोय ने कहा कि मास्क पर फैसला नहीं होने से लोगों की जान जोखिम में डाल रही हैं।