भिलाई नगर निगम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसके चलते निगम के सभी काम ठप हो गए हैं। लोग अपनी समस्याओं को लेकर निगम पहुंच तो रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली लौटना पड़ रहा है। शुक्रवार को निगम के गेट पर सभी कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान जितने भी लोग अपना काम लेकर निगम पहुंचे, उन्हें गेट से ही लौटा दिया गया।
नगर निगम भिलाई के मुख्य गेट पर सभी कर्मचारी और अधिकारी शुक्रवार सुबह से हड़ताल पर बैठे हैं। ऐसे में निगम के सभी कार्यालय सूने हैं। निगम कमिश्नर आए ही नहीं। वहीं अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी सहित कुछ बड़े अधिकारी निगम पहुंचे, लेकिन कर्मचारी न होने के चलते कुछ देर में ही वापस लौट गए। इस दौरान जितने भी लोग अपना काम कराने निगम कार्यालय पहुंचे, गार्डों ने उन्हें गेट पर ही रोक किया।
गार्डों ने सोमवार को आने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया। इससे भिलाईवासी खासे परेशान रहे। उनका कहना है कि इस हड़ताल के चलते आम लोग परेशान हो रहे हैं। सरकार को चाहिए कि वो हड़ताल खत्म कराए या फिर निगम के कोई भी कार्य रुकें नहीं, इसकी व्यवस्था करे।कोसानगर निवासी सुमन खोब्रागढ़े मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने निगम पहुंची थीं। उन्हें गार्ड ने गेट पर ही रोक दिया। सुमन का कहना है कि वो काफी दूर से आई हैं। महिला होकर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए उसे कई बार निगम के चक्कर लगाने पड़े हैं। आज हड़ताल का बहाना बनाया गया बाकी दिन अधिकारी या कर्मचारी न होने की बात कही जाती है। सुमन का कहना है कि निगम को SMS सिस्टम लागू करना चाहिए। निगम प्रशासन को चाहिए कि जब जनता का काम हो जाए तो उनके मोबाइल नंबर पर मैसेज चला जाए कि उसका काम हो गया है। इससे आम लोग बार-बार निगम के चक्कर लगाने से बच जाएंगे।
सेक्टर 7 से प्रधानमंत्री योजना के तहत लोन के लिए आवेदन करने पहुंची सुमन तिवारी को गार्डों ने अंदर नहीं जाने दिया। सुमन का कहना है कि वह गरीब घर से है। पहले भी लोन ले चुकी है। पुराना लोन चुकता होने के बाद नया लेना है। जब भी जाओ अधिकारी नया काम देकर लौटा देते हैं। आज आई तो कर्मचारी हड़ताल के चलते वापस लौटना पड़ रहा है। निगम प्रबंधन को आम लोगों के समय और आर्थिक परेशानी से कोई वास्ता नहीं है।