नोएडा की ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में महिला से मारपीट और गाली-गलौज के मामले में सूरजपुर कोर्ट ने श्रीकांत त्यागी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। त्यागी के साथ उसके साथियों को भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। चारों आरोपियों को नोएडा के लुकसर जेल में रखा जाएगा। माना जा रहा है कि कोर्ट बुधवार को इनकी जमानत याचिका पर सुनवाई कर सकती है।
श्रीकांत त्यागी को UP STF ने मंगलवार को गिरफ्तार किया है। उस पर नोएडा पुलिस ने 25 हजार का इनाम रखा था। पुलिस ने श्रीकांत समेत 4 आरोपियों को भी पकड़ा है। नोएडा पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, ‘श्रीकांत त्यागी ने पूछताछ में बताया कि गाड़ी पर लगे विधानसभा के स्टिकर पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिलवाए थे।’
कमिश्नर ने बताया, ‘आरोपी पुलिस से बचने के लिए मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत में घूमता रहा। इससे पहले यह ऋषिकेश से सहारनपुर होते हुए मेरठ वापस आया था। आरोपी लगातार अपनी मोबाइल डिवाइस बदलता रहा। CCTV कैमरों की फुटेज से श्रीकांत को पकड़ने में महत्वपूर्ण मदद मिली।’
पुलिस कमिश्नर ने कहा, “आरोपी लग्जरी गाड़ियों पर VVIP नंबर रखने का शौकीन है। ऐसे सभी नंबर पाने के लिए इसने एक-एक लाख रुपए तक खर्च किए हैं। गाजियाबाद पुलिस से श्रीकांत त्यागी को कैसे सुरक्षा मिली, इस पर शासन स्तर से जांच चल रही है। उस पर गैंगस्टर एक्ट लगेगा। संपत्ति भी जब्त होगी।”
बता दें, श्रीकांत और उसके 3 साथियों को पुलिस ने मेरठ से गिरफ्तार किया है। पुलिस को श्रीकांत की लोकेशन उसके पत्नी के फोन से मिली।
सूत्रों के मुताबिक, ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी से फरार होने के बाद श्रीकांत ने मेरठ में अपने रिश्तेदार के यहां शरण ली थी। सोमवार रात में श्रीकांत ने पत्नी अनु त्यागी को कॉल किया था। पुलिस को यहीं से बड़ी लीड मिली। पुलिस ने मंगलवार सुबह अनु त्यागी को दोबारा हिरासत में लिया और पूछताछ की। उसके मोबाइल की छानबीन की गई। उसी इनपुट के आधार पर नोएडा पुलिस श्रीकांत त्यागी तक पहुंच गई।
जिसकी सरकार, उसका श्रीकांत। बसपा, सपा और फिर भाजपा। श्रीकांत त्यागी ने तीनों सरकारों में तीनों ही पार्टियों का सफर तय किया। 2017 में UP में योगी सरकार बनी और 2018 में श्रीकांत को भाजपा किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारणी में एक नहीं, दो-दो महत्वपूर्ण पद मिले।
रसूख देखिए, श्रीकांत और उसकी पत्नी को एक-दो नहीं, सात सरकारी गनर गाजियाबाद पुलिस ने दिए थे। शासन स्तर पर कराई जा रही जांच में यह सामने आया है। गृह विभाग ने श्रीकांत त्यागी को सुरक्षा देने पर गाजियाबाद पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
श्रीकांत त्यागी पर 6 मुकदमे दर्ज हैं। सूत्रों के अनुसार, गाजियाबाद पुलिस की जनपदीय सुरक्षा समिति ने 8 अक्टूबर 2018 को पहला गनर श्रीकांत त्यागी को दिया। ठीक इसी दिन 9 जुलाई 2018 को गाजियाबाद पुलिस ने दो अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी दिए। एक दिन में श्रीकांत को तीन-तीन गनर मिल गए।