जियो ने करीब 1,000 शहरों में 5G सर्विस शुरू करने के लिए 5G टेलीकॉम डिवाइस की टेस्टिंग की है। इस दौरान हीट मैप, 3D मैप और रे-ट्रेसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर टारगेट कस्टमर कंजंप्शन और रेवेन्यू के एक्सपेक्टेशन को आधार बनाया गया। रिलायंस कंपनी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि जियो ने फाइनेंशियल इयर 2021-22 में 5G सर्विस के लिए खुद को तैयार करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।
कंपनी ने कहा कि जियो ने 5G टेक्नोलॉजी से जुड़ी सर्विस की ग्राउंड लेवल पर टेस्टिंग भी की गई है। इस दौरान अग्मेंटेड रियल्टी (AR), वर्चुअल रियल्टी (VR), क्लाउड गेमिंग, टीवी स्ट्रीमिंग, हॉस्पिटल और इंडस्ट्री यूजेस को देखा गया।देश में इस महीने 5G सर्विस शुरू को लेकर दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल ने ऐलान किया था। इसके लिए कंपनी ने एरिक्सन, नोकिया और सैमसंग के साथ एग्रीमेंट भी साइन किया है। उधर, जियो ने भी 15 अगस्त को पूरे देश में 5G नेटवर्क सर्विस लॉन्च करने के संकेत दिए हैं।
एयरटेल के MD और CEO गोपाल विट्टल ने बताया कि कंपनी पूरी दुनिया के बेस्ट टेक्नोलॉजी पार्टनर के साथ काम करके देश के कस्टमर्स को 5G कनेक्टिविटी का फुल बेनिफिट देगी। हाल में 5G स्पेक्ट्रम नीलामी में रिलायंस जियो सबसे ज्यादा बोली लगाने वाली कंपनी है। 1.50 लाख करोड़ रुपए की बोलियों में से जियो ने अकेले 88,078 करोड़ रुपए की बोलियां लगाई थीं।