संयुक्त मध्य प्रदेश से पहली महिला सांसद मिनी माता के सम्मान में डाक विभाग ने एक विशेष एनवेलप जारी किया है। मिनी माता की 50वीं पुण्यतिथि पर रायपुर में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस एनवेलप का विमोचन किया। इस आयोजन में सतनामी समाज के प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित भी किया गया। शहीद स्मारक भवन में मिनीमाता स्मृति दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन गुरू घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी और प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज ने किया था।
समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, मिनीमाता का व्यक्तित्व अतुलनीय था। सरल और सहज व्यक्तित्व की धनी मिनीमाता ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। दलितों के नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिये अस्पृश्यता निवारण अधिनियम को संसद में पारित कराने में उन्होंने महती भूमिका निभाई। बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में उन्होंने समाज से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाई।नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने गिरौदपुरी का नामकरण गुरू घासीदास धाम गिरौदपुरी किए जाने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। आयोजन में रायपुर ग्रामीण के विधायक सत्यनारायण शर्मा, रायपुर महापौर एजाज ढेबर, चरौदा के महापौर निर्मल कोसले सहित बड़ी संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया, स्वतंत्रता पश्चात लोकसभा का प्रथम चुनाव 1951 में हुआ। मिनीमाता सन् 1951 से 1971 तक सांसद के रूप में लोकसभा की सदस्य रहीं। अविभाजित मध्यप्रदेश में बिलासपुर-दुर्ग-रायपुर आरक्षित सीट से पहली बार वे लोकसभा के लिए चुनी गई थीं। परिसीमन के बाद वे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित जांजगीर लोकसभा क्षेत्र से चार बार चुनाव जीत कर लोकसभा पहुंचीं।