नवरात्र पर 2.5 लाख से ज्यादा भक्तों ने रामलला के दर्शन किए। अभी रामलला को उनके तीनों भाइयों के साथ असल गर्भ गृह से कुछ दूरी पर स्थापित किया गया है। राम मंदिर निर्माण का 45% से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। जितने गुलाबी पत्थरों की जरूरत थी, वो राजस्थान के भरतपुर से अयोध्या लाए जा चुके हैं।
दैनिक भास्कर की टीम अयोध्या पहुंची। राम मंदिर निर्माण का काम देखा। निर्माण कार्य में सबसे अहम भूमिका निभा रहे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय से बातचीत की। उन्होंने हमें अब तक हुए निर्माण की एक-एक इंच की जानकारी दी और कहा, “दिसंबर, 2023 में पहले तल का काम पूरा हो जाएगा।”
चंपत राय ने आगे बताया, “मंदिर के चारों तरफ एक छोटा परिक्रमा मार्ग बनाया जा रहा है। इसका काम 10% बचा है, जो 15 दिन में पूरा हो जाएगा। मंदिर मां सरयू नदी के किनारे है। भविष्य में नदी उफान पर आ सकती है। अपना रास्ता बदल सकती है। जमीन ढलानदार है, इसलिए उसको लेवल करने के लिए अंदर मिट्टी भरी जाएगी।”
उन्होंने बताया, “तेज बारिश में ये मिट्टी भी बह सकती है इसलिए मंदिर की दक्षिण, उत्तर और पश्चिम दिशा में जमीन के अंदर एक बहुत गहरी रिटेनिंग वॉल डाली गई है।”चंपत राय ने कहा, “मंदिर का 45% काम पूरा हो चुका है। दिसंबर, 2023 में प्रथम तल का निर्माण पूरा हो जाएगा। सूर्य के उत्तरायण होते ही शुभ मुहूर्त में मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हो जाएगी। ठाकुर जी गर्भ ग्रह में विराजमान हो जाएंगे। भक्त मुख्य मंदिर में ही प्रभु दर्शन कर पाएंगे। मंदिर निर्माण का बाकी बचा काम 2024 में पूरा हो जाएगा।”