चिटफंड कंपनियों के खिलाफ धीमी कार्रवाई व निवेशकों को अब तक पैसा न मिलने पर सीएम भूपेश बघेल ने शनिवार को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित कांफ्रेंस बैठक में नाराजगी व्यक्त की। जिले के कलेक्टर व एसपी भी वहां पहुंचे थे। डीजीपी अशोक जुनेजा ने चिटफंड कंपनियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी।
जिसके बाद सीएम ने कहा कि चिटफंड कंपनियों की संपत्ति की कुर्की व निवेशकों को पैसा लौटाने के निर्देश अफसरों को दिए हैं। पिछले माह जिले में आयोजित भेंट मुलाकात के दौरान कई निवेशकों ने पैसे नहीं मिलने की शिकायत सीएम के समक्ष की थी। अब तक सिर्फ 17 निवेशकों को एक लाख 97 हजार रुपए लौटाया गया।
दो माह पहले संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद ने कोलकाता वियर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड चिटफंड कंपनी में पैसा निवेश करने वाले 17 निवेशकों को एक लाख 97 हजार रुपए का चेक दिया था। एक लाख 75 हजार लोगों को पैसा मिलने का इंतजार है। 2012 से लेकर अब तक 10 साल 9 माह में 8 कलेक्टर व 11 एसपी बदल चुके हैं। 9वें कलेक्टर ने चिटफंड प्रकरण की फाइल मंगाई है।
पिछले साल शासन, प्रशासन की ओर से चिटफंड कंपनी में पैसा निवेश करने वाले निवेशकों से तहसील कार्यालय में आवेदन मंगाए गए थे। तब खुलासा हुआ कि अधिक ब्याज देने, पैसे दोगुना-तिगुना का झांसा देकर जिले के एक लाख 75 हजार 881 लोगों ने 314 चिटफंड व अनियमित वित्तीय कंपनियों में 344 करोड़ रुपए निवेश किए है। पुलिस रिकार्ड में दल्लीराजहरा और बालोद थाने में 17 चिटफंड कंपनियों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज हुआ है। इनमें से 16 कंपनियों के खिलाफ कोर्ट में पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दिया है।
बालोद थाने में ओम श्री साई बालाजी मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड एवं प्रतिभा फर्म एंड स्टेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ एफआईआर हो चुका है लेकिन चार्जशीट पेश नहीं किया गया है। वहीं सांई प्रसाद, उन्नति सहित 4 चिटफंड कंपनियों के खिलाफ दो बार एफआईआर दर्ज हुआ है, दोनों बार चार्जशीट पेश हो चुकी है।