केंद्र सरकार केवल योजनाओं के पैसे ही नहीं रोक रही, जो नियमानुसार अनुमति मिलनी चाहिए वो भी नहीं दे रहे हैं। इससे प्रदेश के विकास पहिया थोड़ा धीमा हो गया है। अगर हमें एयरपोर्ट पर कार्गो की अनुमति मिल जाए तो हमारे उत्पाद विदेशों तक जाएंगे।राहुल जी ने 2018 में मुझसे कहा था कि सबको लगना चाहिए कि ये सरकार, मेरी सरकार है। उस ही दिशा में हम लोग चल रहे हैं। सबसे ज्यादा जरूरी है कि हर घर की अर्थव्यवस्था में सुधार हो। किसान, मजदूर, आदिवासी, महिलाएं, लघुवनोपज संग्राहक, युवा, सबको आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम हम लोगों ने किया है। गौधन न्याय योजना, किसान, भूमिहीन, तेंदूपत्ता संग्राहक योजना सब आपके सामने हैं। काजू, ईमली जैसे कई प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जा रहे है। इन वैल्यू एडिशन से रोजगार जनरेट हो रहा है और लोग आर्थिक मजबूत हो रहे हैं।
हाट बाजार क्लिनिक, डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री विशेष सहायता स्वास्थ्य योजन से लोग सीधे लाभ पा रहे हैं। डॉक्टर, नर्स की भर्ती हुई हैं। अब उड़ीसा से लोग इलाज करवाने आ रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जो स्कूल बंद हो गए थे, वहां आत्मानंद स्कूल खोले जा रहे हैं। उच्च शिक्षा में 2 यूनिवर्सिटी खोली गई। कई कॉलेज खोले गए। रामवनपथगमन हो या आदिवासी नृत्य महोत्सव सबके माध्यम से हमने संस्कृति को बचाने और विश्व पटल पर लाने का काम किया है। लोक गीत, संगीत, पर्व, खेल को आगे बढ़ाने का काम किया है। बड़ी उपलब्धि यह है कि अब लोग गांव से पलायन नहीं कर रहे, उल्टा शहर से गांव वापस जा रहे हैं।