बिलासपुर से नागपुर तक ट्रेनों को 130 की स्पीड से चलाना है। ट्रेन की गति अगले माह से बढ़ जाएगी। यात्रियों का यातायात सुगम रहे इसलिए रेलवे की टीम ने भाटापारा से दुर्ग रेलवे स्टेशन तक सर्वे किया है। इसमें भिलाई, भिलाई पावर हाउस और भिलाई नगर और उरकुरा रेलवे स्टेशन के आस-पास सबसे ज्यादा लोग पटरी क्रास करते हैं।
इसके साथ ही भाटापारा से दुर्ग तक एक दर्जन से अधिक जगहों पर मवेशी पटरी के किनारे घूमते नजर आ जाएंगे। ऐसे में 130 की स्पीड से चलने पर ट्रेन पटरी से उतर सकती है। इससे हादसा हो सकता है। रेलवे प्रशासन इसे रोकने के लिए फरवरी से पटरियों के किनारे फेंसिंग लगाने का निर्णय लिया है। रेल अफसरों का कहना है कि पटरियों के किनारे फेंसिंग लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रेलवे पिछले चार सालों से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने पर ही काम कर रहा है। ताकि ट्रेनों का परिचालन 130 किमी प्रति घंटा की जा सके। काम की गति धीमी होने के कारण ट्रैक मरम्मत का काम निर्धारित अवधि में पूरा नहीं हो पाया। कोरोना का संक्रमण बढ़ने पर भी काम को रोकना पड़ गया था। अब रायपुर रेलवे मंडल ने ट्रैक की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है।