राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अमेरिका के साथ एक नई पहल की शुरुआत के लिए वॉशिंगटन जा रहे हैं। वहां 31 जनवरी को उनकी अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन के साथ इनीशिएटिव ऑन क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी ( ICET) फ्रेमवर्क की पहली बातचीत होगी। इस पहल पर सहमति की घोषणा पिछले साल जापान में PM नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की बातचीत के बाद हुई थी।
भारत के लिए इस बातचीत को बेहद अहम माना जा रहा है। इसके माध्यम से भारत के लिए विश्व की ऐसी 10 संवदेनशील और गेमचेंजर टेक्नोलॉजी के दरवाजे खुल जाएंगे, जो स्ट्रैटेजिक विजन से हर मामले में बेजोड़ हैं।दोनों देशों के सुरक्षा सलाहकारों के बीच सीधे बातचीत होने से यह साफ संकेत दिया गया है कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मामले में लालफीताशाही की कई बाधाओं को खत्म कर दिया गया है। इससे दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल मजबूत होगा और कम समय में ही एक लंबी प्रोसेस को पूरा किया जा सकेगा।