हिंडेनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को लेकर अब अडाणी ग्रुप का जवाब सामने आया है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने 27 जनवरी (शुक्रवार) को हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर अडाणी ग्रुप के रिस्पांस को कवर करते हुए एक प्रेजेंटेशन दिया। जिसका टाइटल ‘मिथ्स ऑफ शॉर्ट सेलर’ रखा गया। इसमें अडाणी ग्रुप ने अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग के सभी आरोपों को गलत बताया है।
अडाणी ग्रुप ने हिंडेनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को बोगस बताते हुए कहा कि इस रिपोर्ट का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। यह जानकारी अडानी एग्जेक्यूटिव्स के कांफ्रेंस कॉल में हिस्सा लेने वाले बॉन्डहोल्डर्स ने दी है। अडानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को लेकर बॉन्डहोल्डर्स के साथ एक कॉल कांफ्रेंसिंग की थी।
इस इंवेस्टर कॉल को बार्सलेज, ड्यूश बैंक एजी, मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंसिंग एल ग्रुप और स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने आयोजित किया था। हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की कंपनियों पर मार्केट मैनिपुलेशन और फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था। हालांकि, अडाणी ग्रुप ने अब अपने बिजनेस पोर्टफोलियो की एक स्पष्ट तस्वीर देकर रिपोर्ट का जवाब दिया है।
हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के कुछ मुद्दों को लेकर अडाणी ग्रुप ने कॉल कांफ्रेंसिंग पर जवाब दिया है। इस कॉल कांफ्रेंसिंग में ‘मिथ्स ऑफ शॉर्ट सेलर’ के रूप में 18 पेज का एक प्रेजेंटेशन पेश किया गया। ग्रुप का कहना है कि इस मामले में वह जवाब के रूप में शुक्रवार को 100 पेज का एक डोजियर जारी करेगा। अडानी ग्रुप ने निवेशकों से कहा कि अकाउंटिंग फ्रॉड सिर्फ तथ्यों को नजरअंदाज करने के चलते दिख रहा है।
अडाणी ग्रुप के प्रेजेंटेशन के अनुसार, हिंडनबर्ग ने टोटल 89 सवाल पूछे हैं। जबकि इनमें से कुछ सवाल ग्रुप के रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन, DRI (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) और कोर्ट केसेस के संबंध में हैं। हालांकि, कुल मिलाकर 21 सवाल ऐसे हैं, जिनके बारे में 2 साल के समय में किसी भी रिसर्च का रिजल्ट होने का दावा नहीं किया जा सकता है। क्योंकि उनके बारे में 2015 के बाद से कई पब्लिक डाक्यूमेंट्स में खुलासा किया गया था।