दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय के समन में शामिल नहीं होंगे। यह छठी बार होगा है, जब वह दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले के संबंध में पूछताछ के लिए उपस्थित होने में विफल रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने अपना रुख दोहराते हुए समन को अवैध घोषित किया है और कहा है कि मामला अब अदालत के समक्ष है।
आम आदमी पार्टी ने आज जारी एक बयान में इस बात पर जोर दिया कि ईडी ने खुद अदालत का रुख किया था। पार्टी ने सुझाव दिया कि प्रवर्तन निदेशालय को बार-बार समन जारी करने के बजाय मामले की वैधता पर अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए। केजरीवाल और ईडी के बीच चल रही कानूनी लड़ाई बढ़ गई है। जांच एजेंसी लगातार दिल्ली के मुख्यमंत्री को तलब कर रही है, जिन्होंने लगातार इसका पालन करने से इनकार कर दिया है।