राष्ट्रीय जाँच एजेंसी एनआइए ने हैं भारत में बड़े पैमाने पर हिंसात्मक वारदातों को अंजाम देने की साज़िश और उसके पीछे विदेशों से आतंकवाद संचालित कर रहे उनके आकाओं पर गहरी चोट करना शुरू कर दिया है। एनआइए ने आतंकवादियों के आकाओं के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंधों का भी ख़ुलासा किया है।
एनआइए ने भारत में दहशत फैलाने के लिए युवाओं को बरगला कर आतंकी संगठनों में शामिल करने के संबंध में तीन लोगों को पकड़ा। इन लोगों के ख़िलाफ़ IED बनाने की ट्रेनिंग के साथ साथ, अलग अलग जगहों पर विस्फोटक रखने, बड़े संस्थानों की रेकी करने और आतंकी संगठनों में भर्ती के लिए गुपचुप तरीक़े से अभियान चलाने के मामले में चार्जशीट दाख़िल की है। जिन अभियुक्तों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल की गई है उसमें मोहम्मद रिज़वान अशरफ़ है जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का वाला है।
इसके अलावा उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का मोहम्मद अरशद वारसी और झारखंड के हज़ारीबाग़ का रहने वाला मोहम्मद शाहनवाज़ शामिल है। ये तीनों पूरे देश में तो मुस्लिम युवकों को भड़काने का काम कर रहे थे।
बोरिवली-पडघा ISIS टेरर मॉड्यूल केस की जाँच के दौरान NIA को रई आपत्तिजनक दस्तावेज़ मिले थे। इसके अलावा IED बनाने विस्फोटक तैयार करने के साथ-साथ वॉयस ऑफ़ हिन्द, रुमियाह, ख़िलाफ़त, दबीक नाम की मैगज़ीन मिली जिसे आईएसआईएस छापता है।