दुनिया में हथियारों, गोला-बारूद और दूसरे सैन्य साजो-सामान पर विभिन्न देश इस समय जितना खर्च कर रहे हैं, उतना इससे पहले कभी नहीं हुआ। स्वीडन के स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में वैश्विक सैन्य खर्च रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह 2022 के मुकाबले 6.8 फीसदी बढक़र 24.4 खरब डॉलर हो गया। यह 2022 में 22.4 खरब डॉलर था। सबसे ज्यादा खर्च करने वाले 2022 में जो पांच देश थे, वे 2023 में अपने-अपने स्थान पर बरकरार हैं। भारत चौथे नंबर पर है।