महाकुंभ 2025 को लेकर उम्मीद जताई जा रही है देश-दुनिया से करीब 40 करोड़ लोग इसमें शामिल होने प्रयागराज पहुंचेंगे। सरकार ने 45 दिन के आयोजन में बुनियादी सुविधाओं पर भारी निवेश किया है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) के मुताबिक महाकुंभ से सरकार का राजस्व दो से ढाई लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। इससे पहले 2013 के महाकुंभ से सरकार को 12,000 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था।महाकुंभ के दौरान 13,000 ट्रेनें (3,000 विशेष ट्रेनों समेत) चलाई जाएंगी। श्रद्धालुओं को 7,000 से अधिक बसें भी उपलब्ध होंगी। इनमें 200 वातानुकूलित बसें शामिल हैं। इसके अलावा नियमित उड़ानों के साथ 200 से अधिक चार्टर फ्लाइट उपलब्ध होंगी।