भारत के चुनावों में कथित अमेरिकी हस्तक्षेप को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है और इसकी जांच के आदेश दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस विवाद को ‘बहुत परेशान करने वाला’ बताया और कहा कि एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। उधर, राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार (भारत के अनुसार) को भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के नाम पर दी जाने वाली अमरीकी सहायता को ‘किक बैक’ करार दिया। हालांकि ट्रंप ने इसके बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।इधर, कांग्रेस और भाजपा के मीडिया सेल शुक्रवार एक्टिव रहे और एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा। कांग्रेस की तरफ से पवन खेड़ा ने मोर्चा संभाला तो भाजपा की ओर से प्रवक्ता गौरव भाटिया मैदान में उतरे। यहां तक कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी एक समारोह में इस मामले में चिंता जताई और कहा कि हमारी चुनाव प्रणाली की शुद्धता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।