मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय अपनी क्षमता से विश्व में पहचान बना रहे हैं। अतीत की गलतियों को सुधारते हुए दीक्षांत समारोह अब भारतीय परंपरा के अनुरूप आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में
सबसे पहले वर्ष 2020 में शिक्षा नीति लागू की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सभी भाषाओं के अध्ययन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी राज्यों में बोली जाने वाली भाषाएं हमारी राष्ट्रभाषा हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने राष्ट्रभाषा हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई कराने की पहल की है, जिसे काफी सराहना मिल रही है। शिक्षा को केवल नौकरियों से न जोड़ा जाए, यह समाज में ज्ञान के सतत प्रसार का माध्यम है। राज्य में कुलपति को कुलगुरु की नई संज्ञा मिली है, जिसे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली ने भी अपनाया है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में नवाचारों के साथ कृषि संकाय और फैशन डिजाइनिंग जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराई जा रही है।
नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में विश्वविद्यालयों की बड़ी भूमिका
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के माध्यम से आज 54 हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्नातक, 23 हजार विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर, 190 विद्यार्थियों को पीएचडी, 21 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, इस प्रकार कुल 78 हजार विद्यार्थियों के सपने साकार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्राइवेट कॉलेज और शासकीय विश्वविद्यालयों को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के लिए सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय इंदौर के सहयोग से जनजातीय बहुल झाबुआ जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में सुशासन की नई बयार आई है। देश के युवा, किसान, गरीब सभी वर्गों के कल्याण के साथ सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी देश के स्वाभिमान और समाज के सभी वर्गों के हितरक्षक हैं। 21वीं सदी भारत की होगी और भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।
प्रदेश के विश्वविद्यालयों में डिजिटल वैल्यूएशन होगा शुरू : मंत्री श्री परमार
तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आज विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। हमें जीवनभर समाज और परिवार का ऋण उतारने के लिए कार्य करना चाहिए। देश में भारतीय परंपरा के अनुसार दीक्षांत समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए सबसे पहले प्रदेश में शिक्षा नीति लागू की गई। राज्य सरकार सभी विश्वविद्यालयों में डिजिटल मूल्यांकन शुरू करेगी। विद्यार्थियों को ऑनलाइन कॉपी उपलब्ध कराएंगे। शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के साथ प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में 1 या 2 भाषाओं की पढ़ाई शुरू करेंगे। मध्यप्रदेश हृदय प्रदेश है। यहां भाषाओं को जोड़ने का कार्य शुरू होगा।
विद्यार्थी अपनी ऊर्जा राष्ट्र और समाज के कल्याण में लगाएं
कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार जैन ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाते हुए कहा कि आप कही भी जाएं अपने विश्वविद्यालय और अपने शहर को कभी न भूलें। हमेशा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलें और स्वाध्याय करें। साथ ही अपनी ऊर्जा समाज और राष्ट्र के कल्याण में लगाएं। दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डी.लिट, पीएचडी और स्नातकोत्तर की उपाधि प्रदान की गईं। इस दौरान विभिन्न संकायों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल भी प्रदान किए गए।