नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच लंबे समय से चल रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर आ गई है। आज, 13 सितंबर को नई दिल्ली में 13वें दौर की बातचीत पूरी हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि अगर यह डील संतुलित हुई, तो इससे दोनों तरफ के व्यापार और लोगों को बड़ा फायदा होगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय यूनियन के वरिष्ठ अधिकारियों, मारोस शेफकोविच और क्रिस्टोफ हांसेन, का स्वागत किया। ये अधिकारी 8 सितंबर को शुरू हुई बातचीत के लिए दिल्ली में थे। मंत्री गोयल ने सोशल मीडिया पर बताया कि अब तक इस एग्रीमेंट के लगभग 60% चैप्टर्स पूरे हो चुके हैं।
इस डील को लेकर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप में भी उत्साह है। जर्मनी के विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को भरोसा दिलाया कि उनका देश इस समझौते को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए EU कमीशन पर दबाव बनाएगा।
दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही काफी मजबूत हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में दोनों के बीच का द्विपक्षीय व्यापार $135 बिलियन तक पहुंच गया था। इस FTA का मुख्य उद्देश्य व्यापार को और बढ़ाना और ऑटोमोबाइल, कृषि जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करना है। यह डील इस साल के अंत तक फाइनल होने की उम्मीद है।
पीयूष गोयल और EU डेलिगेशन ने टैरिफ लिबरलाइजेशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की, ताकि इसे एक ‘विन-विन’ तरीके से लागू किया जा सके। शेफकोविच ने इस दौर की बातचीत को अब तक की सबसे गहन और रचनात्मक बातचीत बताया। भारत-EU रिश्तों के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।