भोपाल: मध्य प्रदेश के खनन क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और डिजिटल रूपांतरण को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता आईआईटी धनबाद के ‘टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड एक्सप्लोरेशन-माइनिंग (टेक्समिन) फाउंडेशन’, प्रदेश के भू-विज्ञान एवं खनिज निदेशालय (डीजीएम) और मध्य प्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड (एमपीएसएससीएल) के बीच हुआ है।
इस साझेदारी का मुख्य लक्ष्य खनन अन्वेषण, ऑटोमेशन और एआई-एनेबल्ड माइन-मैनेजमेंट सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर राज्य में खनन कौशल विकास और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। इस पहल से मध्य प्रदेश ‘खनन 4.0’ के संचालन में देश का एक प्रमुख राज्य बन सकेगा।
एमओयू के तहत कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों पर काम किया जाएगा:
- जीआईएस-आधारित मिनरल डेटाबेस: खनिज संसाधनों का सटीक और एकीकृत मानचित्रण तैयार करना।
- एआई-एनेबल्ड माइन मैनेजमेंट: खदानों के संचालन, सुरक्षा और उत्पादन को बेहतर बनाने के लिए एआई और डेटा एनालिटिक्स पर आधारित सिस्टम विकसित करना।
- ब्लॉकचेन-आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली: रॉयल्टी और हिस्सेदारी में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- कौशल विकास: खनन क्षेत्र के लिए भविष्य के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करना।
यह समझौता खनन क्षेत्र में दक्षता, सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, जिससे संसाधन प्रबंधन में सुधार होगा और नए निवेश एवं रोजगार के अवसर सृजित होंगे।