ऑपरेशन सिंदूर से लेकर आपदा राहत तक : CDS चौहान ने बताई सेना की भूमिका

ऑपरेशन सिंदूर से लेकर आपदा राहत तक : CDS चौहान ने बताई सेना की भूमिका

रांची: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने गुरुवार को कहा कि भारतीय सेना में किसी भी तरह का भाई-भतीजावाद (नेपोटिज्म), पक्षपात या सिफारिश नहीं होती है। उन्होंने छात्रों को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यह देश की सेवा करने और दुनिया को देखने का सबसे अच्छा मौका है।

जनरल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बताया कि भारत ने पाकिस्तान पर पहला हमला 7 मई की रात 1 बजे किया था, ताकि आम नागरिकों को कोई नुकसान न हो।

‘शांति को कमजोरी न समझा जाए’

जनरल चौहान ने जोर देकर कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन इसे कमजोरी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “शांति बिना ताकत के केवल एक सपना है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर शांति चाहिए तो युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहना होगा।


प्राकृतिक आपदाओं में सेना की भूमिका

CDS ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सेना के काम की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि इस साल देश में आई बाढ़, भूकंप और भूस्खलन जैसी आपदाओं में सेना ने सबसे आगे बढ़कर काम किया। जवानों ने दिन-रात मेहनत करके फंसे हुए लोगों को बचाया, उन्हें राहत सामग्री पहुंचाई और उनकी जान बचाई।


संक्षिप्त रूप

  • नेपोटिज्म का खंडन: CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा कि भारतीय सेना में कोई भाई-भतीजावाद नहीं है।
  • युवाओं को संदेश: उन्होंने छात्रों को सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।
  • ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचाने के लिए रात 1 बजे पाकिस्तान पर हमला किया था।
  • शांति और शक्ति: जनरल चौहान ने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन इसे कमजोरी न समझा जाए, क्योंकि शांति के लिए ताकत जरूरी है।
  • आपदा राहत: उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं में सेना के राहत और बचाव कार्यों की सराहना की।

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