ओडिशा में पीएम मोदी ने ₹60,000 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया; 97,500 4G टावरों का लोकार्पण

ओडिशा में पीएम मोदी ने ₹60,000 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया; 97,500 4G टावरों का लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ओडिशा के झारसुगुड़ा के दौरे पर हैं, जहाँ उन्होंने ₹60,000 करोड़ से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। राज्य में भाजपा सरकार के गठन के बाद यह उनका 7वां ओडिशा दौरा है।

12 जून 2024 को सरकार के शपथ लेने के बाद से, पीएम मोदी लगातार दो-तीन महीने के अंतराल पर ओडिशा आते रहे हैं, जो राज्य के विकास पर उनके निरंतर ध्यान को दर्शाता है। झारसुगुड़ा पहुँचने पर राज्यपाल डॉ. हरिबाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उनका स्वागत किया।

पीएम मोदी ने जिन प्रमुख क्षेत्रों में परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया, उनमें दूरसंचार, रेलवे, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास और ग्रामीण आवास शामिल हैं।

दूरसंचार को मिला बड़ा बढ़ावा:

राष्ट्रीय संचार अवसंरचना को मजबूती देते हुए, पीएम ने स्वदेशी तकनीक से निर्मित 97,500 से अधिक मोबाइल 4G टावरों का लोकार्पण किया। इन टावरों पर लगभग ₹37,000 करोड़ की लागत आई है। पीएम ने अपनी जनसभा में कहा कि आज से BSNL का स्वदेशी 4G सेवाओं के साथ एक नया अवतार सामने आया है।

‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ को हरी झंडी:

इसके अतिरिक्त, राज्य में पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, पीएम मोदी ने ब्रह्मपुर और उधना (सूरत) के बीच चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई।

डबल इंजन की रफ्तार पर जोर:

जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ओडिशा अब ‘डबल इंजन की रफ्तार’ से आगे बढ़ चला है। उन्होंने कहा, “आज एक बार फिर, ओडिशा के विकास, देश के विकास के लिए हज़ारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ है।” पीएम ने अपनी सरकार को गरीबों की सेवा और उन्हें सशक्त बनाने वाली बताते हुए कहा कि उनकी सरकार गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर देती है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि उनका ध्यान हमेशा ओडिशा के विकास पर रहा है, और उनके मार्गदर्शन में राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है। पीएम ने अंत में दोहराया कि भाजपा का संकल्प देश को ‘आत्मनिर्भर’ बनाना है, जिसमें भारत चिप से लेकर जहाज़ों तक, हर चीज़ में आत्मनिर्भर बने।

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