मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नवरात्रि का त्योहार हमें एकजुट होकर आराधना करने, मेलजोल बढ़ाने और सद्भाव को मजबूती देने का माध्यम है। उन्होंने इस पावन पर्व को शक्ति-आराधना का उत्सव और इतिहास के गौरवशाली अध्यायों का स्मरण कराने वाला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि में जब कलाकार मां जगदम्बा, भगवान श्रीकृष्ण और देवी-देवताओं का स्वरूप धारण करते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे मां भवानी साक्षात हमारे बीच आ गई हैं।
डॉ. यादव ने आगे कहा कि दशहरा पर्व भगवान श्रीराम की असुरों पर विजय और मां जगदम्बा द्वारा महिषासुर का वध करने के उल्लास का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री सोमवार की रात भोपाल के भेल क्षेत्र में आयोजित भोजपाल गरबा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
2014 के बाद बदला भारत का स्वरूप
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने विश्व में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देश के शौर्य पर जोर देते हुए कहा कि अब कोई भी शत्रु भारत में आतंकवादी गतिविधि करने की हिम्मत नहीं कर सकता। आज भारत में वह क्षमता है कि वह शत्रु को पाताल तक जाकर भी ढूंढ सकता है और उसके घर में घुसकर सबक सिखा सकता है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि अब कोई शत्रु भारत से बच नहीं सकता और वर्ष 2014 के पहले का भारत बदल चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में देश के सभी देव स्थानों पर आनंद की वर्षा हो रही है। शौर्य और विकास के अलावा खेल के क्षेत्र में भी देश अभूतपूर्व कार्य कर रहा है, जिसका प्रमाण गत रविवार को हुए 20-20 एशिया कप में भारत की विजय है, जो हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
भोजपाल गरबा महोत्सव के सफल आयोजन पर मुख्यमंत्री ने इसके संयोजक श्री सुनील यादव और अन्य पदाधिकारियों को बधाई दी और सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इस दौरान प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका के लिए अभिनंदन भी किया गया।
कार्यक्रम में संयोजक श्री सुनील यादव, श्री रविंद्र यति, श्री विकास विरानी, श्री अमन यादव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। महोत्सव के आखिरी दिन विशाल जनसमूह और कलाकार दल ने गरबा की आकर्षक प्रस्तुति दी।