मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को श्रीराम पथ गमन और ओरछा में श्री रामराजा लोक निर्माण की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश (चित्रकूट विकास):
- प्राथमिकता: पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा प्राथमिकता में हो।
- पब्लिसिटी: परिक्रमा पथ को श्री राम पथ गमन निर्माण से पहले तैयार किया जाए, ताकि व्यापक प्रचार हो सके।
- सुविधा विस्तार: चित्रकूट में धार्मिक के साथ-साथ मेडिकल पर्यटन की भी संभावनाएँ विकसित की जाएँ और एक उच्च कोटि का हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाया जाए।
- भीड़ नियंत्रण: सोमवती अमावस्या के लिए भीड़ प्रबंधन की माइक्रो प्लानिंग की जाए।
- नगर विकास: नगर परिषद चित्रकूट में नगरीय विकास के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए नगर का सौंदर्यीकरण और नियोजन किया जाए।
- संसाधन: विकास कार्यों के लिए धार्मिक/सामाजिक संस्थाओं और CSR फंड को भी जोड़ा जाए।
परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति (अपर मुख्य सचिव संस्कृति/पर्यटन): | परियोजना | लागत / स्थिति | | :— | :— | | चित्रकूट विकास | स्वदेश दर्शन 2.0 (27.21 करोड़), कामदगिरि परिक्रमा (36.84 करोड़) के कार्य चल रहे हैं। | | ओरछा श्रीराम राजा लोक | 7 परियोजनाओं पर कुल ₹239.87 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्य प्रगति पर। | | राम पथ गमन क्षेत्र (MP) | 9 जिलों में 23 स्थान चिन्हित; विकास कार्य योजना प्रारूप के लिए निविदा प्रक्रियाधीन। | | अन्य विकास कार्य | बृहस्पति कुंड (पन्ना) में 7.96 करोड़ और कैंटिलीवर ग्लास ब्रिज का निर्माण प्रगति पर। शरभंग आश्रम (सतना) और अगस्त्य मुनि आश्रम (पन्ना) में विकास कार्य पूर्ण। | | सड़कें | 34.30 कि.मी. सड़कों के निर्माण के लिए ₹117.79 करोड़ का प्रस्ताव। 7.5 कि.मी. के लिए निविदा आमंत्रित। |
संस्थागत व्यवस्था:
- श्रीराम पथ गमन न्यास का गठन किया गया है।
- घाटों के विस्तार के लिए आसपास की निजी भूमि सहित अन्य आवश्यक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।