नई दिल्ली: केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 11 साल पहले एक ‘अदृश्य डिजिटल राजमार्ग’ बनाने की दूरदर्शिता अब वास्तविकता बन गई है। उन्होंने कहा कि भारत अब सेवाओं और उत्पादों, दोनों में दूरसंचार क्षेत्र का वैश्विक अगुआ बन गया है, और देश अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डिजिटल राष्ट्र है।
प्रशासनिक और वित्तीय सफलता:
मंत्री ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के वित्तीय पुनरुद्धार को विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, बीएसएनएल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की तीसरी और चौथी तिमाही में परिचालन लाभ दर्ज किया है। ईबीआईटीडीए में तीन गुना वृद्धि और घाटे में ₹5,400 करोड़ से ₹2,400 करोड़ तक की कटौती इस सुधार की कहानी बयां करती है।
स्वदेशी तकनीक और कनेक्टिविटी मिशन:
इस राष्ट्रीय परिवर्तन का आधार पूर्णतः स्वदेशी 4-जी स्टैक है। इस तकनीकी छलांग ने भारत को उन चुनिंदा देशों में शामिल कर दिया है जो अपनी संपूर्ण दूरसंचार तकनीक विकसित करने में सक्षम हैं। कनेक्टिविटी के मामले में, ‘100% दूरसंचार संपन्नता’ मिशन ने ग्रामीण, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित (LWE) और द्वीपीय क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है, जिससे लक्षित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी 75% से 87% तक पहुँच गई है।
आधुनिक और उत्तरदायी प्रशासन:
मंत्रालय ने प्रशासन में बड़े सुधार किए हैं। राइट-ऑफ-वे (RoW) मंज़ूरी की समयसीमा को 448 दिनों से घटाकर मात्र 33 दिन करने के लिए एक सिंगल-विंडो पोर्टल स्थापित किया गया है। इसके अलावा, जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बीएसएनएल के प्रत्येक मुख्य महाप्रबंधक को उनके सर्कल का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाया गया है, जिसकी नियमित तिमाही समीक्षा की जाती है। विभाग ने ‘9-टू-9’ मैराथन समीक्षा बैठक जैसी नई पहल भी शुरू की है।
सुरक्षा और गुणवत्ता पर ध्यान:
डॉ. सिंधिया ने कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। एआई-आधारित एएसटीआर और एक एकीकृत डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म (DIP) ने धोखाधड़ी को रोकने और ₹200 करोड़ के घोटालों को विफल करने में मदद की है। सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए, ट्राई ने मासिक रिपोर्टिंग शुरू की है, और दूरसंचार ऑपरेटरों को अप्रैल 2026 तक कॉल ड्रॉप और विलंबता के सख्त मानकों को पूरा करना होगा।