नई दिल्ली: 22 अक्टूबर 2025
कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर एक “सतत ऊर्जा केंद्र” स्थापित करने के लिए बुधवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू पर सीआईएल के निदेशक (तकनीकी) श्री अच्युत घटक और आईआईटी मद्रास के निदेशक श्री वी. कामकोटि ने दस्तखत किए।
सीआईएल द्वारा वित्त पोषित यह केंद्र, सतत ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर अत्याधुनिक अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) का काम करेगा। इसका मुख्य फोकस कोयला खदानों के पुनरुद्देश्यीकरण, कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों के विकास और भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य के लिए कोयले को एक मूल्यवान फीडस्टॉक के रूप में इस्तेमाल करने पर होगा। यह साझेदारी 2070 तक भारत के शुद्ध-शून्य लक्ष्यों को हासिल करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सीआईएल के अध्यक्ष श्री पी.एम. प्रसाद ने कहा कि यह कदम कोल इंडिया को ऊर्जा प्रदाता से स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में प्रमुख प्रवर्तक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। आईआईटी मद्रास के निदेशक श्री वी. कामकोटि ने इस सहयोग को भारत को निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था में बदलने की संस्थान की यात्रा का आधार बताया।
यह केंद्र पीएचडी, पोस्ट डॉक्टरल और इंटर्नशिप कार्यक्रमों के माध्यम से भविष्य के शोधकर्ताओं और इंजीनियरों को तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।