मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुष्टि की है कि इस वर्ष अतिवृष्टि और बाढ़ के साथ-साथ पीला मोजैक और कीट प्रकोप से फसल को हुए नुकसान के कारण प्रभावित किसानों को सरकार ने बड़ा संबल दिया है। उन्होंने बताया कि जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति जैसी आपदाओं से पीड़ित किसानों के साथ सरकार मजबूती से खड़ी रही है।
डॉ. यादव के अनुसार, अब तक 23 लाख 81 हजार से अधिक प्रभावित किसानों को लगभग 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। यह राशि आरबीसी 6(4) के तहत दी गई है, जिससे किसानों को फिर से खड़ा होने में मदद मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि यह राशि पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में बांटी गई $660.57$ करोड़ रुपए की राहत राशि से लगभग तीन गुना अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए सरकार के खजाने में धन की कोई कमी नहीं है और हर जरूरतमंद किसान को तत्परतापूर्वक सहायता दी जा रही है। उन्होंने पिछले वर्षों की राहत राशि का भी ब्यौरा दिया, जिसमें वित्त वर्ष 2021-22 में $1590.74$ करोड़ रुपए, 2022-23 में $726.15$ करोड़ रुपए और 2023-24 में $758.62$ करोड़ रुपए वितरित किए गए थे।
विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि फसल हानि (अतिवृष्टि/बाढ़ एवं पीला मोजैक/कीट व्याधि) के लिए 23,81,104 किसानों को $1623.51$ करोड़ रुपए और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुई क्षति की पूर्ति के लिए $178.45$ करोड़ रुपए दिए गए हैं, जिससे कुल वितरित राशि लगभग $1802$ करोड़ रुपए हो गई है।
उन्होंने दोहराया कि सरकार किसानों को किसी भी कठिन परिस्थिति में अकेला नहीं छोड़ेगी। किसानों को सिंचाई, बिजली, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, समर्थन मूल्य और फसल बीमा की राशि समय पर देकर सरकार ने उनके कल्याण के लिए सभी कदम उठाए हैं, जिससे किसानों में नया विश्वास और उम्मीद जगी है।