कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), जो कि कोयला मंत्रालय के अंतर्गत एक महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करने जा रही है। 1 नवंबर 2025 को यह दिग्गज कंपनी 51वें वर्ष में प्रवेश करेगी। 1 नवंबर 1975 को राष्ट्रीयकृत कोकिंग और गैर-कोकिंग कोयला खदानों की होल्डिंग कंपनी के रूप में स्थापित CIL, 2.2 लाख से अधिक कर्मचारियों के साथ देश के सबसे बड़े कॉर्पोरेट नियोक्ताओं में से एक है।
उत्पादन में ऐतिहासिक उछाल:
- स्थापना से अब तक: 1975 में 79 मिलियन टन (MT) के उत्पादन से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025 के अंत तक यह 781 MT हो गया है, जो लगभग दस गुना की वृद्धि है। कोयले की आपूर्ति भी 78 MT से बढ़कर 763 MT हो गई है।
- पिछले दशक की तेज़ी: उत्पादन में कुल 702 MT की वृद्धि का लगभग 41% हिस्सा (यानी 287 MT) पिछले एक दशक (2014-15 से 2024-25) में ही हासिल किया गया है, जब उत्पादन 494 MT से बढ़कर 781 MT हुआ।
विशाल योगदान: CIL देश के कुल कोयला उत्पादन का 75% हिस्सा हासिल करती है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, देश के ऊर्जा क्षेत्र में 5 वर्षों तक लगातार अग्रणी रहना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
विविधीकरण और भविष्य: CIL अब सौर ऊर्जा संयंत्र (पहले चरण में 3000 मेगावाट), कोयला गैसीकरण और लिथियम, ग्रेफाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के अधिग्रहण की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। कंपनी हिंदुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड (HURL) के साथ संयुक्त उद्यम में तीन उर्वरक संयंत्र भी सफलतापूर्वक चला रही है, जिसका पिछले दो वर्षों में संयुक्त लाभ 900 करोड़ रुपये रहा।