मुख्यमंत्री डॉ. यादव: 2030 तक 50% ऊर्जा नवकरणीय स्त्रोतों से
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को समाधान योजना 2025-26 का शुभारंभ करते हुए कहा कि राज्य सरकार का ध्येय “सबके लिए रोशनी-सबके लिए प्रगति” है। उन्होंने कहा कि यह योजना उन 90 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के लिए संवेदनशीलता का परिचय है, जो किन्हीं कारणों से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए।
बकाया बिलों पर बड़ी छूट: यह योजना घरेलू, कृषि, गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं के बकाया सरचार्ज में 100 प्रतिशत तक की छूट प्रदान करती है, जिससे 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक का सरचार्ज माफ होगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस योजना को सुशासन का प्रतीक बताते हुए कहा कि विभाग अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करेगा।
विकास और ऊर्जा संकल्प:
- राज्य सरकार किसानों को निर्बाध 10 घंटे और आबादी को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
- वर्ष 2024-25 में 35 लाख से अधिक किसानों को 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी गई।
- स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य: राज्य का लक्ष्य 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत को सौर और पवन जैसे नवकरणीय स्त्रोतों से पूरा करना है।
- नए आयाम: मुख्यमंत्री ने एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के नए भवन का लोकार्पण किया, जो तकनीकी नवाचार का केंद्र बनेगा। उन्होंने महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से स्थापना दिवस समारोह के आयोजनों में सहभागी होने का आह्वान किया और समाधान योजना का आरंभ होना शुभ बताया।