वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग में नौकरी पाकर युवा आत्मनिर्भर भारत की नींव करेंगे मजबूत।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में वन विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के 877 नवनियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों को नियुक्ति और पदस्थापना आदेश प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है और इन नियुक्तियों के माध्यम से हम अपना वादा पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ये नियुक्तियां ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के हमारे सामूहिक संकल्प का एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैं, जिसका लक्ष्य आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए नींव मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे मजबूत, सुरक्षित, समृद्ध और स्वस्थ मध्यप्रदेश के निर्माण में पूरी प्रतिबद्धता से योगदान देंगे।
नवनियुक्त कर्मियों से अपील:
- डॉ. यादव ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उद्धरण देते हुए कहा कि शासकीय सेवा एक बड़ी जिम्मेदारी है, और जनता का विश्वास ही शासकीय सेवक की सबसे बड़ी पूंजी है।
- उन्होंने वन क्षेत्रपालों/वनरक्षकों से वनों के संरक्षण, संवर्धन और वन्य जीवों की देखभाल, जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं को त्वरित और प्रभावी बनाने में सहयोग देने की अपील की।
वितरित पद (प्रतीक स्वरूप):
- वन विभाग: वन क्षेत्रपाल (76), वन रक्षक (467)।
- स्वास्थ्य विभाग: एनेस्थेसिया विशेषज्ञ (75), सर्जन (62), शिशु रोग विशेषज्ञ (106), और नर्सिंग ऑफिसर्स (91)।
इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी उपस्थित थे, जिन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से कर्मयोगी के समान सेवा भाव रखने का आग्रह किया।