नई दिल्ली/नैरोबी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को केन्या की राजधानी नैरोबी में आयोजित मध्यप्रदेश स्थापना दिवस कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ मूल के सैकड़ों परिवार केन्या के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन में सक्रिय योगदान देकर दोनों राज्यों की संस्कृति और परम्पराओं का गौरव बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने केन्या को “हमारा दूसरे घर जैसा” बताया और प्रवासी भारतीयों की मेहनत, ईमानदारी और जीवटता की सराहना की। उन्होंने कहा कि एकता की शक्ति इस कार्यक्रम में साफ झलक रही है। चीतों के आदान-प्रदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केन्या से भी जल्द ही चीते मध्यप्रदेश के वनों में लाए जाएंगे।
डॉ. यादव ने कहा कि नैरोबी जैसे अंतर्राष्ट्रीय शहर में राज्योत्सव मनाना गर्व की बात है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से “विकसित मध्यप्रदेश–समृद्ध भारत” के संकल्प में भागीदार बनने और राज्य की प्रगति को वैश्विक स्तर पर फैलाने का आह्वान किया।
निवेश और प्रगति: मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश “अभ्युदय मध्यप्रदेश” थीम पर आगे बढ़ रहा है और निवेश एवं रोजगार को समर्पित रहा है। राज्य को ₹30.77 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 4 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपने समय और अर्थ शक्ति से जन्मभूमि की सेवा करने और प्रदेश के विकास में सहभागी बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही केन्या आकर व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे।