मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मध्यप्रदेश टूरिज्म मंडल के संचालक मंडल की 8वीं बैठक में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक मंत्रालय में आयोजित हुई, जिसमें संस्कृति, पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी और मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश और फोकस क्षेत्र:
- पर्यटन को उद्योग का दर्जा: मुख्यमंत्री ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिलाने के लिए आवश्यक पहल करने को कहा।
- उद्देश्य: इससे नवाचार करने वाले उद्यमियों और व्यक्तियों को सुविधा मिलेगी, जिससे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार आसान होगा।
- हेल्थ और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा:
- पर्यटन विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा और आयुष विभाग को आपसी समन्वय से गतिविधियाँ संचालित करने के निर्देश दिए गए।
- अन्य राज्यों की सफल गतिविधियों का अध्ययन कर प्रदेश में संभागवार कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
- वेलनेस टूरिज्म को प्रोत्साहित करने में धार्मिक संस्थाओं और ट्रस्टों का सहयोग लेने की संभावना पर भी बल दिया गया।
- फिल्म निर्माण प्रोत्साहन: प्रदेश के इतिहास और संस्कृति पर केंद्रित फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।
- वन्यजीवों का वैश्विक प्रचार: वैश्विक स्तर पर प्रसारित होने वाले वन्य जीवों और वनों पर केंद्रित टीवी चैनलों पर मध्यप्रदेश के समृद्ध वनों और जैव-संपदा के प्रस्तुतिकरण के लिए प्रयास करने को कहा गया।
बैठक में चर्चा के मुख्य बिंदु:
- पीएमश्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा: इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर, भोपाल-मढ़ई-पचमढ़ी और जबलपुर-बांधवगढ़-कान्हा सेक्टर में सेवा संचालन पर चर्चा हुई।
- अन्य विषय: सिंहस्थ-2028 की तैयारी, ग्रामीण पर्यटन, साहसिक पर्यटन, जल पर्यटन, पर्यटन क्षेत्र में निवेश संवर्धन और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार की गतिविधियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।