दिल्ली-एनसीआर की हवा सोमवार को ‘सीवियर’ कैटेगरी में दर्ज की गई, क्योंकि ज़हरीले स्मॉग की मोटी परत ने पूरी राजधानी को ढक लिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, कई इलाकों में AQI अधिकतम सीमा 500 तक पहुंच गया।
बढ़ते प्रदूषण का जनजीवन पर असर:
- उड़ानों में बाधा: इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। घनी धुंध और कम विजिबिलिटी के कारण विभिन्न एयरलाइंस की 228 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि 250 उड़ानें देरी से चलीं और 5 को डायवर्ट करना पड़ा।
- शिक्षा व्यवस्था: प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए, सरकार ने 5वीं तक की कक्षाओं को ऑनलाइन और 11वीं तक की कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में संचालित करने का निर्देश दिया है।
- न्यायिक कार्यवाही: चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने वायु प्रदूषण से जुड़ी याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई से पहले वकीलों और पक्षकारों को हाइब्रिड मोड के जरिए ही पेश होने की सलाह दी है।
पशु-पक्षियों का स्वास्थ्य खतरे में:
पशु चिकित्सक गंभीर स्वास्थ्य संकट की चेतावनी दे रहे हैं। PM 2.5 जैसे महीन कण जानवरों के फेफड़ों से रक्त प्रवाह में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता घट रही है। पिछले डेढ़ महीने में, हाउस ऑफ स्ट्रे एनिमल्स एनजीओ के पशु चिकित्सक डॉ. संजय मोहपात्रा के अनुसार, 55 से 60 पालतू कुत्तों और बिल्लियों में खांसी, निमोनिया और फेफड़ों की गंभीर समस्याएं सामने आई हैं।