भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता (Processing Capacity) को बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के बंद पड़े संयंत्रों को पुनर्जीवित करने का फैसला लिया गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की रूपरेखा:
- संयंत्रों का जीर्णोद्धार: शिवपुरी डेयरी संयंत्र को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। जबलपुर में 10 मेट्रिक टन क्षमता के पनीर प्लांट के लिए 5 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
- सफल संचालन: इंदौर में 30 मेट्रिक टन क्षमता का मिल्क पाउडर प्लांट शुरू हो चुका है, जहां रोजाना 3 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण हो रहा है। ग्वालियर संयंत्र के आधुनिकीकरण पर भी काम शुरू कर दिया गया है।
- विस्तार लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक रोजाना 35 लाख लीटर दूध का विक्रय सुनिश्चित किया जाए।
इस बैठक में वरिष्ठ विधायक हेमंत खण्डेलवाल और NDDB के चेयरमैन मीनेश शाह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने डेयरी वैल्यू चेन के डिजिटलीकरण पर भी सहमति जताई।