गांधीनगर: प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को नई गति देने के लिए गांधीनगर में 8 से 10 जनवरी तक राष्ट्रीय खनिज चिंतन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में खनन क्षेत्र के भविष्य पर मंथन हुआ।
शिविर के रणनीतिक उद्देश्य:
- सामूहिक संकल्प: केंद्र और राज्य सरकारों के नीति-निर्माताओं ने एक सुरक्षित, सशक्त और जिम्मेदार खनन संचालन प्रणाली विकसित करने का संकल्प लिया।
- तकनीक और पर्यावरण: शिविर में आधुनिक तकनीक के उपयोग और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हुए सतत विकास (Sustainable Development) पर विशेष जोर दिया गया।
- सहयोग: राज्यों के बीच समन्वय मजबूत करने के लिए आपसी सहयोग और ज्ञान साझा करने के महत्व को रेखांकित किया गया।
मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के खनन मंत्रियों ने इस दौरान अपने अनुभव साझा किए, जिससे भारत के खनन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।