नई दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी परीक्षा सीजन के मद्देनजर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच एक सकारात्मक वातावरण बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India) ने केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी के एक लेख को साझा करते हुए यह संदेश दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में परिणामों से अधिक महत्वपूर्ण धैर्य और मानसिक संतुलन है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यद्यपि परीक्षा में अंक और मूल्यांकन अपना महत्व रखते हैं, लेकिन उन्हें जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षाओं को तनाव के बजाय मार्गदर्शन के रूप में देखा जाना चाहिए। पीएमओ के माध्यम से साझा किए गए इस संदेश में कहा गया है कि अभिभावकों और सहपाठियों के बीच एक ऐसा संतुलन होना चाहिए जहाँ दबाव के बजाय धैर्य की जीत हो। यह लेख वर्तमान परीक्षा सीजन में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का आह्वान करता है।