इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर को देश का सबसे तेजी से विकसित होने वाला शहर बताते हुए यहाँ ‘अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना (पैकेज-1)’ का भूमि-पूजन किया। 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का उद्देश्य शहर की पेयजल व्यवस्था को आधुनिक और दीर्घकालिक समाधान प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इंदौर की प्रगति और सुशासन पर पूरे मध्य प्रदेश को गर्व है और राज्य सरकार इंदौर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिंचाई और जल प्रबंधन के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि नर्मदा जल से मालवा-निमाड़ को जोड़ने के संघर्ष के बाद अब प्रदेश की सिंचाई क्षमता 56 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गई है। उन्होंने ‘केन-बेतवा’ और ‘पार्वती-कालीसिंध-चंबल’ (PKC) जैसी नदी जोड़ो परियोजनाओं को राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए वरदान बताया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने माँ नर्मदा, बाबा साहेब अंबेडकर और लता मंगेशकर की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की।