जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर 15 जनवरी 2026 को भारतीय सेना के अदम्य साहस और गौरव का केंद्र बनी। देश के सैन्य इतिहास में यह चौथा अवसर था जब सेना दिवस परेड का आयोजन दिल्ली से बाहर किया गया। जयपुर के महल रोड पर आयोजित इस भव्य समारोह में सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान ने पहली बार मेजबानी की।
समारोह की शुरुआत ‘प्रेरणा स्थल’ पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जहाँ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने वीर शहीदों को नमन किया। परेड के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब सेना अध्यक्ष ने पांच वीर शहीदों के परिजनों को मरणोपरांत ‘सेना पदक’ प्रदान किए।
इस परेड की सबसे बड़ी विशेषता स्वदेशी तकनीक और आधुनिक युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन था। इसमें ‘भैरव बटालियन’ जैसी विशेष टुकड़ियों ने भाग लिया, जो सीमाओं पर तीव्र और उच्च-प्रभाव वाले अभियानों के लिए तैयार की गई हैं। आकाश में अपाचे और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की गर्जना ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। लगभग एक लाख से अधिक लोगों ने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर सेना के प्रति अपने अटूट विश्वास को प्रदर्शित किया।