मुंबई नगर निगम चुनाव के नतीजों ने सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। भाजपा गठबंधन ने 118 सीटों (भाजपा: 90, शिवसेना शिंदे गुट: 28) के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। यदि ये रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो मुंबई के 45 साल के इतिहास में पहली बार भाजपा का मेयर चुना जाएगा।
गौरतलब है कि मार्च 2022 से बीएमसी का पद खाली पड़ा है और प्रशासन की कमान नगर आयुक्त के हाथों में है। इससे पहले शिवसेना की किशोरी पेडनेकर आखिरी मेयर थीं। 1992 से 2017 तक भाजपा ने हमेशा शिवसेना का समर्थन किया था, लेकिन इस बार पार्टी ने खुद को सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित किया है। आजादी के बाद से अब तक मुंबई ने केवल कांग्रेस और अविभाजित शिवसेना के ही मेयर देखे हैं।