उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य इस समय भारी बर्फबारी की चपेट में हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में पिछले 48 घंटों से जारी हिमपात ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। गुरुवार और शुक्रवार से शुरू हुआ यह सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा, जिससे शिमला, मनाली और मसूरी जैसे पर्यटक स्थल पूरी तरह सफेद चादर में लिप्त हो गए हैं।
पहाड़ों का हाल: हिमस्खलन की चेतावनी उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और जम्मू के डोडा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैदानी हिस्सों में जहाँ एक फुट तक बर्फ जमा है, वहीं ऊपरी चोटियों पर 2 से 3 फीट की मोटी परत बिछ गई है। डीजीआरई (DGRE) ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ सहित 5 जिलों में शाम तक एवलांच (हिमस्खलन) का अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा के लिहाज से कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।
यातायात पर प्रहार जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) लगातार दूसरे दिन बंद रहा। हालांकि, शनिवार दोपहर मौसम में मामूली सुधार के बाद बीआरओ (BRO) की कड़ी मशक्कत से श्रीनगर एयरपोर्ट के रनवे को साफ कर दिया गया, जिसके बाद विमानों का परिचालन दोबारा शुरू हो सका।
मैदानी इलाकों में शीतलहर और बारिश पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से राजस्थान के माउंट आबू में पारा लुढ़ककर -7°C तक जा पहुँचा है। सीकर में ओस जमने से खेतों में बर्फ की चादर नजर आई। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है, जबकि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि ने फसलों को प्रभावित किया है।