पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानों में बारिश-ओलों का अलर्ट, जनजीवन प्रभावित
नई दिल्ली/शिमला: उत्तर भारत के राज्यों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में मंगलवार से बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है।
पहाड़ों पर कुदरत का कहर: हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी ने मुश्किल बढ़ा दी है। श्रीनगर में उड़ानों को रद्द कर दिया गया है, जबकि हिमाचल के कई नेशनल हाईवे बर्फ की चादर से ढके हैं। कुल्लू, शिमला और लाहौल-स्पीति जैसे जिलों में भारी बर्फबारी का अलर्ट है। खराब मौसम के मद्देनजर मनाली और बंजार में शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। गुलमर्ग में तापमान गिरकर -9.0 डिग्री तक पहुँच गया है।
मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि: उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में ओले गिरने की चेतावनी है, जबकि 50 जिलों में 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। मध्य प्रदेश के 28 जिलों (भोपाल, ग्वालियर आदि) में बारिश का अलर्ट है, जिससे पारा 10 डिग्री से नीचे जा सकता है। हरियाणा और पंजाब के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। राजस्थान के जयपुर में आज सुबह धूल भरी आंधी के साथ बूंदाबांदी दर्ज की गई।
अगर आप अगले दो दिनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।
क्या है मुख्य खतरा?
- यातायात में बाधा: बर्फबारी के कारण हिमाचल और कश्मीर के रास्ते बंद हैं। श्रीनगर एयरपोर्ट से परिचालन ठप है।
- फसलों को नुकसान: यूपी और हरियाणा में ओलावृष्टि और तेज हवाओं (50 किमी/घंटा तक) की वजह से फसलों पर संकट मंडरा रहा है।
- ठिठुरन: दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। आने वाले दो दिनों में पंजाब, हरियाणा और एमपी में पारा और गिरेगा।
पर्यटकों के लिए सलाह: प्रशासन ने पर्यटकों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। हिमाचल के 10 जिलों में 60 किमी की रफ्तार से बर्फीले तूफान चलने की आशंका है।