कुआलालंपुर में बोले पीएम मोदी: भारत-मलेशिया संबंधों का नया मंत्र है ‘IMPACT’, प्रवासियों को बताया विकास का मजबूत सेतु

कुआलालंपुर में बोले पीएम मोदी: भारत-मलेशिया संबंधों का नया मंत्र है ‘IMPACT’, प्रवासियों को बताया विकास का मजबूत सेतु

कुआलालंपुर: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी वर्ष 2026 की पहली विदेश यात्रा के दौरान मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के प्रगाढ़ रिश्तों को ‘IMPACT’ (India-Malaysia Partnership for Advancing Collective Transformation) का नया नाम दिया।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत और मलेशिया की साझा विरासत को मजबूत करने के लिए जल्द ही यहाँ एक ‘तिरुवल्लुवर सेंटर’ स्थापित किया जाएगा। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि मलेशिया में भारतीय मूल का दूसरा सबसे बड़ा समुदाय रहता है, जो दोनों देशों के बीच एक जीवित सेतु की तरह है। पीएम मोदी ने भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि अब छठी पीढ़ी तक के लोग OCI कार्ड के पात्र होंगे। उन्होंने डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए यह भी साझा किया कि भारत का UPI सिस्टम जल्द ही मलेशिया में दस्तक देगा।

सांस्कृतिक संबंधों की झलक:

  • समानता: पीएम ने बताया कि कैसे मलेशिया की ‘रोटी कनाई’ और भारत का ‘मालाबार परोटा’ एक समान हैं, और कैसे ‘तेह तारिक’ का स्वाद कोच्चि की याद दिलाता है।
  • कला: 800 नर्तकों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को महान कलाकार एमजीआर के तमिल गीत बेहद पसंद हैं।
  • धार्मिक विरासत: बाटू केव्स के थाईपुसम उत्सव और भारत के पलानी उत्सव के बीच की समानता को रेखांकित किया गया।

प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को ‘अतुल्य भारत’ की यात्रा करने और अपने साथ मलेशियाई मित्रों को भी लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपसी संपर्क ही हमारी मित्रता की वास्तविक आधारशिला है। 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लक्ष्य में उन्होंने प्रवासियों को एक अनिवार्य भागीदार बताया।

सांस्कृतिक संबंधों की झलक:

  • समानता: पीएम ने बताया कि कैसे मलेशिया की ‘रोटी कनाई’ और भारत का ‘मालाबार परोटा’ एक समान हैं, और कैसे ‘तेह तारिक’ का स्वाद कोच्चि की याद दिलाता है।
  • कला: 800 नर्तकों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को महान कलाकार एमजीआर के तमिल गीत बेहद पसंद हैं।
  • धार्मिक विरासत: बाटू केव्स के थाईपुसम उत्सव और भारत के पलानी उत्सव के बीच की समानता को रेखांकित किया गया।

प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को ‘अतुल्य भारत’ की यात्रा करने और अपने साथ मलेशियाई मित्रों को भी लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपसी संपर्क ही हमारी मित्रता की वास्तविक आधारशिला है। 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लक्ष्य में उन्होंने प्रवासियों को एक अनिवार्य भागीदार बताया।

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