रायपुर: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को रायपुर में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ @ 25: शिफ्टिंग द लेंस’ नेशनल कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की कि 31 मार्च 2026 से पहले देश से माओवादी समस्या को जड़ से उखाड़ फेंक दिया जाएगा।
विकास और आंकड़ों का उल्लेख अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों के सफर का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि राज्य अब ‘बीमारू’ श्रेणी से बाहर निकलकर विकसित होने की राह पर है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि 2000 की तुलना में राज्य का बजट 30 गुना और प्रति व्यक्ति आय 17 गुना बढ़ी है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 1 से बढ़कर 16 हो गई है, जबकि शिशु मृत्यु दर 79 से घटकर 37 पर आ गई है।
माओवाद पर वैचारिक प्रहार गृह मंत्री ने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो नक्सलवाद को ‘विकास की कमी’ का परिणाम बताते हैं। उन्होंने कहा, “यह देश को गुमराह करने वाली बात है। समस्या बंदूक में समाधान खोजने वाली माओवादी विचारधारा की है, जबकि हमारा संविधान संवाद और चर्चा पर आधारित है।” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने नक्सलियों को संरक्षण दिया और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।