राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने जनजातीय प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना की समीक्षा करते हुए ‘संवेदनशील प्रशासन’ पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यह मात्र एक योजना नहीं, बल्कि सबसे गरीब तबके को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक उपक्रम है।
रणनीतिक बदलाव और सुधार: सरकार ने योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं:
- प्राथमिकता का आधार: अब मिल्क रूट और परिवहन की सुगमता वाले गांवों के साथ-साथ आवश्यकतानुसार अन्य दूरस्थ ग्रामों में भी हितग्राहियों का चयन किया जा सकेगा।
- सामुदायिक निगरानी: पशु वितरण की प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।
- वित्तीय सुरक्षा: दूध के मूल्यों में बढ़ोत्तरी और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कर हितग्राहियों की आय में वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना में केवल कागजी कार्रवाई न हो, बल्कि पारदर्शी और तत्परतापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।