मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को बड़वानी जिले के प्रसिद्ध भीलट बाबा देवस्थल, नागलवाड़ी में प्रदेश की पहली ‘कृषि कैबिनेट’ का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। ‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत आयोजित इस विशेष कैबिनेट में कृषि, सिंचाई, पशुपालन और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए कुल 27,500 करोड़ रुपये की योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इस बैठक की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों ने जनजातीय पारंपरिक वेशभूषा धारण कर प्रदेश के जनजातीय वर्ग के प्रति सम्मान प्रकट किया।
कैबिनेट में सबसे बड़ा निर्णय ‘मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026’ को लेकर लिया गया, जिससे अगले तीन वर्षों में 3,000 करोड़ रुपये का निवेश और 20,000 नए रोजगार सृजित होंगे। साथ ही, बड़वानी के वरला और पानसेमल क्षेत्रों में सिंचाई की समस्या को दूर करने के लिए नर्मदा नदी पर आधारित 2,068 करोड़ रुपये की दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से 38,000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि स्वीकृत की गई अधिकांश राशियां आगामी 5 वर्षों (2031 तक) के विकास कार्यों के लिए आवंटित की गई हैं, जिससे किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।