कोलकाता: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) के कर्मचारियों और उनके परिवारों को संबोधित करते हुए भविष्य की रक्षा चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के तकनीकी युग में जीआरएसई को केवल जहाज ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक और नवाचार आधारित प्लेटफॉर्म विकसित करने चाहिए।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के ‘विकसित भारत-2047’ के सपने को पूरा करने में शिपयार्डों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जीआरएसई के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान डेढ़ सदी से भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को शक्तिशाली युद्धपोत प्रदान कर रहा है। उनके अनुसार, एक युद्धपोत केवल मशीनों का ढांचा नहीं, बल्कि हजारों श्रमिकों के पसीने और इंजीनियरों के कौशल का जीवंत प्रतीक है।